वैदिक कालीन शिक्षा की विशेषता तथा नई शिक्षा नीति 2020 की मुख्य विशेषताओं का संक्षिप्त मूल्यांकन
Abstract
शिक्षा राष्ट्र के विकास का मूल आधार है, जो व्यक्तियों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देती है। विद्यालयों का वातावरण छात्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए, जिसमें शैक्षिक और सह-शैक्षिक गतिविधियों में संतुलन आवश्यक है। प्राचीन भारत में गुरुकुल प्रणाली प्रचलित थी, जिसमें जीवन कौशल शिक्षा पर जोर था। आधुनिक शिक्षा प्रणाली 1830 में शुरू हुई, जिसने गुरुकुल शिक्षा को प्रतिस्थापित किया और जीवन कौशल शिक्षा को कम महत्व दिया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने भारतीय शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए पाठ्यक्रम में बदलाव किए हैं, और भारत को फिर से विश्व गुरु बनाने का संकल्प लिया है। भारतीय शिक्षा प्रणाली में प्राचीन काल से लेकर आधुनिक काल तक निरंतर परिवर्तन हुए हैं, जो समाज की आवश्यकताओं को दर्शाते हैं।

